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mahabharat 3.297.14: सावित्री ने पूछा- हे प्रभु! मैंने सुना है कि आपके दूत लोगों को ले जाने आते हैं। हे प्रभु! आप स्वयं यहाँ कैसे आये?॥14॥   |   mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.297.14 
सावित्र्युवाच
श्रूयते भगवन् दूतास्तवागच्छन्ति मानवान्।
नेतुं किल भवान् कस्मादागतोऽसि स्वयं प्रभो॥ १४॥
 
 
अनुवाद
सावित्री ने पूछा- हे प्रभु! मैंने सुना है कि आपके दूत लोगों को ले जाने आते हैं। हे प्रभु! आप स्वयं यहाँ कैसे आये?॥14॥
 
Savitri asked— O Lord! I have heard that your messengers come to take people away. O Lord! How did you yourself come here?॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)