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mahabharat 3.297.11: सावित्री बोलीं, "मुझे लगता है कि आप कोई देवता हैं, क्योंकि आपका शरीर मनुष्यों जैसा नहीं है। हे प्रभु! यदि आप चाहें तो मुझे बताएँ कि आप कौन हैं और क्या करना चाहते हैं।"   |   mahabharat अध्याय 3.297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.297.11 
सावित्र्युवाच
दैवतं त्वाभिजानामि वपुरेतद्‍ध्यमानुषम्।
कामया ब्रूहि देवेश कस्त्वं किं च चिकीर्षसि॥ ११॥
 
 
अनुवाद
सावित्री बोलीं, "मुझे लगता है कि आप कोई देवता हैं, क्योंकि आपका शरीर मनुष्यों जैसा नहीं है। हे प्रभु! यदि आप चाहें तो मुझे बताएँ कि आप कौन हैं और क्या करना चाहते हैं।"
 
Savitri said - I think you are some deity because your body is not like that of humans. O Lord! If you wish, please tell me who you are and what you want to do.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)