Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.296.31: पवित्र जल से बहती हुई नदियों और फूलों से लदे हुए सुन्दर वृक्षों को देखकर सत्यवान मधुर वाणी में सावित्री से कहते - 'प्रिये! देखो, यह कैसा सुन्दर दृश्य है ॥31॥ | mahabharat अध्याय 3.296: सावित्रीकी व्रतचर्या तथा सास-ससुर और पतिकी आज्ञा लेकर सत्यवान्के साथ उसका वनमें जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पवित्र जल से बहती हुई नदियों और फूलों से लदे हुए सुन्दर वृक्षों को देखकर सत्यवान मधुर वाणी में सावित्री से कहते - 'प्रिये! देखो, यह कैसा सुन्दर दृश्य है ॥31॥
Aiming at the rivers flowing with sacred water and the beautiful trees laden with flowers, Satyavan would say to Savitri in a sweet voice – 'Dear! Look, what a beautiful sight it is. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥