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श्लोक  3.296.21 
सावित्र्युवाच
उपवासान्न मे ग्लानिर्नास्ति चापि परिश्रम:।
गमने च कृतोत्साहां प्रतिषेद्धुं न मार्हसि॥ २१॥
 
 
अनुवाद
सावित्री ने कहा, "उपवास के कारण मुझे किसी प्रकार की थकान या कमजोरी महसूस नहीं हो रही है। मैं जाने को लेकर बहुत उत्साहित हूँ, इसलिए कृपया मुझे न रोकें।"
 
Savitri said, "I am not feeling any kind of fatigue or tiredness due to fasting. I am very enthusiastic about going, so please do not stop me."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)