Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.296.11: फिर वह सभी ब्राह्मणों, वृद्धजनों तथा सास-ससुर को एक-एक करके प्रणाम करके नियमानुसार हाथ जोड़कर उनके सामने खड़ी हो गई।   |   mahabharat अध्याय 3.296: सावित्रीकी व्रतचर्या तथा सास-ससुर और पतिकी आज्ञा लेकर सत्यवान‍्के साथ उसका वनमें जाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 296: सावित्रीकी व्रतचर्या तथा सास-ससुर और पतिकी आज्ञा लेकर सत्यवान‍्के साथ उसका वनमें जाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.296.11 
तत: सर्वान् द्विजान् वृद्धान् श्वश्रूं श्वशुरमेव च।
अभिवाद्यानुपूर्व्येण प्राञ्जलिर्नियता स्थिता॥ ११॥
 
 
अनुवाद
फिर वह सभी ब्राह्मणों, वृद्धजनों तथा सास-ससुर को एक-एक करके प्रणाम करके नियमानुसार हाथ जोड़कर उनके सामने खड़ी हो गई।
 
Then after paying obeisance to all the brahmins, elders and her mother-in-law and father-in-law one by one, she stood before them with folded hands as per the rule.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)