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श्लोक  3.296.1 
मार्कण्डेय उवाच
तत: काले बहुतिथे व्यतिक्रान्ते कदाचन।
प्राप्त: स कालो मर्तव्यं यत्र सत्यवता नृप॥ १॥
 
 
अनुवाद
मार्कण्डेयजी कहते हैं- युधिष्ठिर! बहुत दिन बीत जाने पर एक दिन वह समय आ गया जब सत्यवान्की मरने को था।
 
Markandeyji says- Yudhishthir! After many days had passed, one day the time came when Satyavanki was about to die.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)