श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 294: सावित्रीका सत्यवान‍्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.294.7 
सावित्र्युवाच
आसीच्छाल्वेषु धर्मात्मा क्षत्रिय: पृथिवीपति:।
द्युमत्सेन इति ख्यात: पश्चाच्चान्धो बभूव ह॥ ७॥
 
 
अनुवाद
सावित्री बोली- पिताजी! शाल्वदेश में द्युमत्सेन नामक एक धर्मात्मा क्षत्रिय राजा राज्य करते थे। बाद में वे अंधे हो गए।
 
Savitri said- Father! A religious Kshatriya king named Dyumatsen ruled in Shalvadesh. Later they became blind. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)