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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 294: सावित्रीका सत्यवान‍्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.294.6 
मार्कण्डेय उवाच
सा ब्रूहि विस्तरेणेति पित्रा संचोदिता शुभा।
तदैव तस्य वचनं प्रतिगृह्येदमब्रवीत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मार्कण्डेय कहते हैं: युधिष्ठिर! जब उसके पिता ने कहा, 'पुत्री! अपनी यात्रा का वृत्तान्त मुझे विस्तारपूर्वक बताओ,' तब पतिव्रता सावित्री उनकी आज्ञा मानकर इस प्रकार बोली।
 
Mārkaṇḍeya says: Yudhishthir! When her father said, 'Daughter, tell me in detail about your journey,' the virtuous Savitri obeyed his command and spoke thus.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)