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mahabharat 3.294.4: नारदजी ने पूछा - हे राजन! आपकी पुत्री कहाँ गई और कहाँ से आ रही है? अब वह युवती हो गई है। आप उसका विवाह किसी योग्य वर से क्यों नहीं कर देते?॥4॥   |   mahabharat अध्याय 3.294: सावित्रीका सत्यवान‍्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 294: सावित्रीका सत्यवान‍्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.294.4 
नारद उवाच
क्व गताभूत् सुतेयं ते कुतश्चैवागता नृप।
किमर्थं युवतीं भर्त्रे न चैनां सम्प्रयच्छसि॥ ४॥
 
 
अनुवाद
नारदजी ने पूछा - हे राजन! आपकी पुत्री कहाँ गई और कहाँ से आ रही है? अब वह युवती हो गई है। आप उसका विवाह किसी योग्य वर से क्यों नहीं कर देते?॥4॥
 
Narada asked - O King! Where did your daughter go and where is she coming from? She has become a young woman now. Why don't you get her married to a suitable groom?॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)