श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 294: सावित्रीका सत्यवान‍्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  3.294.30 
नान्यस्मिन् पुरुषे सन्ति ये सत्यवति वै गुणा:।
प्रदानमेव तस्मान्मे रोचते दुहितुस्तव॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
सत्यवान में जो गुण हैं, वे किसी अन्य पुरुष में नहीं हैं। अतः मुझे उचित प्रतीत होता है कि आपकी पुत्री का विवाह सत्यवान से ही किया जाए।
 
The qualities that Satyavan possesses are not found in any other man. Therefore, it seems right to me that your daughter should be married to Satyavan. 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)