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mahabharat 3.293.24: सावित्री ने प्रसन्न होकर उसे कन्या को दे दिया और गायत्री मंत्र द्वारा उसे अर्पित करने से सावित्री देवी प्रसन्न हो गईं, इसलिए ब्राह्मणों और पिता ने कन्या का नाम 'सावित्री' रखा॥24॥   |   mahabharat अध्याय 3.293: राजा अश्वपतिको देवी सावित्रीके वरदानसे सावित्री नामक कन्याकी प्राप्ति तथा सावित्रीका पतिवरणके लिये विभिन्न देशोंमें भ्रमण   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 293: राजा अश्वपतिको देवी सावित्रीके वरदानसे सावित्री नामक कन्याकी प्राप्ति तथा सावित्रीका पतिवरणके लिये विभिन्न देशोंमें भ्रमण  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.293.24 
सावित्र्या प्रीतया दत्ता सावित्र्या हुतया ह्यपि।
सावित्रीत्येव नामास्याश्चक्रुर्विप्रास्तथा पिता॥ २४॥
 
 
अनुवाद
सावित्री ने प्रसन्न होकर उसे कन्या को दे दिया और गायत्री मंत्र द्वारा उसे अर्पित करने से सावित्री देवी प्रसन्न हो गईं, इसलिए ब्राह्मणों और पिता ने कन्या का नाम 'सावित्री' रखा॥24॥
 
Savitri was pleased and gave it to the girl and Savitri Devi was pleased by offering it through Gayatri Mantra, hence the Brahmins and the father named the girl 'Savitri'. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)