Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.292.9-10: इस द्रौपदी को देखो । महाबली, दुष्टबुद्धि सिन्धुराज ने अपने पराक्रम के मद में मदमस्त होकर इसका हरण कर लिया था; परंतु तुम्हारे इन महान भाइयों ने अत्यंत कठिन कार्य करके द्रुपद की पुत्री श्रीकृष्ण को लौटा दिया तथा राजा जयद्रथ को भी परास्त करके उसे अपने अधीन कर लिया ॥9-10॥ | mahabharat अध्याय 3.292: मार्कण्डेयजीके द्वारा राजा युधिष्ठिरको आश्वासन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस द्रौपदी को देखो । महाबली, दुष्टबुद्धि सिन्धुराज ने अपने पराक्रम के मद में मदमस्त होकर इसका हरण कर लिया था; परंतु तुम्हारे इन महान भाइयों ने अत्यंत कठिन कार्य करके द्रुपद की पुत्री श्रीकृष्ण को लौटा दिया तथा राजा जयद्रथ को भी परास्त करके उसे अपने अधीन कर लिया ॥9-10॥
Look at this Draupadi. The mighty, evil-minded Sindhuraj, intoxicated by his prowess, had abducted her; but these great brothers of yours, after performing extremely difficult tasks, brought back the daughter of Drupada, Krishna, and also defeated King Jayadratha and brought him under their control.॥ 9-10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥