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mahabharat 3.292.4: वज्रपाणि इन्द्र ने मरुद्गणों के साथ मिलकर वृत्रासुर, वीर नमुचि तथा दीर्घजीभधारी राक्षस का वध कर दिया था॥4॥   |   mahabharat अध्याय 3.292: मार्कण्डेयजीके द्वारा राजा युधिष्ठिरको आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 292: मार्कण्डेयजीके द्वारा राजा युधिष्ठिरको आश्वासन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.292.4 
संहत्य निहतो वृत्रो मरुद्भिर्वज्रपाणिना।
नमुचिश्चैव दुर्धर्षो दीर्घजिह्वा च राक्षसी॥ ४॥
 
 
अनुवाद
वज्रपाणि इन्द्र ने मरुद्गणों के साथ मिलकर वृत्रासुर, वीर नमुचि तथा दीर्घजीभधारी राक्षस का वध कर दिया था॥4॥
 
Vajrapani Indra, along with the Marudganas, had killed Vritrasura, the brave Namuchi and the long-tongued demon. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)