श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  3.291.69 
पुष्पकं च विमानं तत् पूजयित्वा स राघव:।
प्रादाद् वैश्रवणायैव प्रीत्या स रघुनन्दन:॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद पुष्पक विमान की पूजा करके रघुनन्दन श्री राम ने प्रेमपूर्वक उसे कुबेर को लौटा दिया।
 
After this, after worshipping the Pushpaka Vimana, Raghunandan Sri Rama lovingly returned it to Kubera. 69.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)