श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  3.291.49-50h 
सदेवासुरगन्धर्वा यक्षराक्षसपन्नगा:॥ ४९॥
कथयिष्यन्ति लोकास्त्वां यावद् भूमिर्धरिष्यति।
 
 
अनुवाद
जब तक यह पृथ्वी रहेगी, तब तक देवता, असुर, गन्धर्व, यक्ष, राक्षस और नाग आदि सम्पूर्ण जगत के लोग आपकी कीर्ति गाते रहेंगे।॥49 1/2॥
 
As long as this earth exists, the people of the entire world, including the Gods, Asuras, Gandharvas, Yakshas, ​​Rakshasas and Nagas, will sing your glory.'॥ 49 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)