श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.291.29 
वरुण उवाच
रसा वै मत्प्रसूता हि भूतदेहेषु राघव।
अहं वै त्वां प्रब्रवीमि मैथिली प्रतिगृह्यताम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
वरुण देव बोले - "श्रीराम! समस्त प्राणियों के शरीर में विद्यमान जल तत्व मुझसे ही उत्पन्न हुआ है। अतः मैं आपसे कहता हूँ, मिथिलेश कुमारी निर्दोष हैं, कृपया उन्हें स्वीकार करें।"
 
Varun Dev said - Shri Ram! The water element present in the body of all living beings has originated from me. Therefore I tell you, Mithilesh Kumari is innocent, please accept her.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)