श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.291.2 
ततो हते दशग्रीवे देवा: सर्षिपुरोगमा:।
आशीर्भिर्जययुक्ताभिरानर्चुस्तं महाभुजम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
दशानन के मारे जाने पर देवता और महर्षि उस महाबली को विजय का आशीर्वाद देकर उसकी पूजा और स्तुति करने लगे॥2॥
 
After Dashanan was killed, the Gods and Maharishis started worshiping and praising that mighty man by blessing him with victory. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)