श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  3.291.18 
शक्रश्चाग्निश्च वायुश्च यमो वरुण एव च।
यक्षाधिपश्च भगवांस्तथा सप्तर्षयोऽमला:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
इसके साथ ही इन्द्र, अग्नि, वायु, यम, वरुण, यक्षराज भगवान कुबेर तथा शुद्ध मन वाले सप्तर्षि भी वहाँ आ गए॥18॥
 
Along with this, Indra, Agni, Vayu, Yama, Varun, Yaksharaj Lord Kuber and the seven sages with pure minds also came there. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)