श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 290: राम और रावणका युद्ध तथा रावणका वध  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  3.290.23-24h 
सहस्रायुतशो रामे शस्त्राणि विविधानि च।
ततो भुशुण्डी: शूलानि मुसलानि परश्वधान्॥ २३॥
शक्तीश्च विविधाकारा: शतघ्नीश्च शितान् क्षुरान्।
 
 
अनुवाद
उस समय श्री रामचंद्रजी पर हजारों प्रकार के अस्त्र-शस्त्र गिरने लगे और भाले, फरसे, मूसल, फरसे, नाना प्रकार की शक्तियाँ, शतघ्नियाँ और तीक्ष्ण धार वाले बाणों की वर्षा होने लगी॥23 1/2॥
 
At that time, thousands of different types of weapons started falling on Shri Ramchandraji and it started raining arrows like spears, flails, pestles, axes, various types of shaktis, shataghnis and sharp-edged arrows. 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)