Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.29.15-16h: झूठ से सत्य श्रेष्ठ है। क्रूरता से दया श्रेष्ठ है। अतः यदि दुर्योधन मुझे मार भी डाले, तो भी मुझ जैसा मनुष्य उस क्रोध का प्रयोग कैसे कर सकता है, जो इतने दोषों से युक्त है और जिसे सज्जनों ने त्याग दिया है?॥ 15 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.29: युधिष्ठिरके द्वारा क्रोधकी निन्दा और क्षमाभावकी विशेष प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
झूठ से सत्य श्रेष्ठ है। क्रूरता से दया श्रेष्ठ है। अतः यदि दुर्योधन मुझे मार भी डाले, तो भी मुझ जैसा मनुष्य उस क्रोध का प्रयोग कैसे कर सकता है, जो इतने दोषों से युक्त है और जिसे सज्जनों ने त्याग दिया है?॥ 15 1/2॥
Truth is better than a lie. Kindness is better than cruelty. So even if Duryodhana kills me, how can a man like me use anger which is filled with so many faults and has been abandoned by good men?॥ 15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥