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mahabharat 3.289.4: वानरराज सुग्रीव, सुषेण, मैन्द, द्विविद, कुमुद, अंगद, हनुमान, नील, तारा और नल के साथ मिलकर दोनों भाइयों की रक्षा करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 3.289: श्रीराम-लक्ष्मणका सचेत होकर कुबेरके भेजे हुए अभिमन्त्रित जलसे प्रमुख वानरोंसहित अपने नेत्र धोना, लक्ष्मणद्वारा इन्द्रजित् का वध एवं सीताको मारनेके लिये उद्यत हुए रावणका अविन्ध्यके द्वारा निवारण करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 289: श्रीराम-लक्ष्मणका सचेत होकर कुबेरके भेजे हुए अभिमन्त्रित जलसे प्रमुख वानरोंसहित अपने नेत्र धोना, लक्ष्मणद्वारा इन्द्रजित् का वध एवं सीताको मारनेके लिये उद्यत हुए रावणका अविन्ध्यके द्वारा निवारण करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.289.4 
सुषेणमैन्दद्विविदै: कुमुदेनाङ्गदेन च।
हनुमन्नीलतारैश्च नलेन च कपीश्वर:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
वानरराज सुग्रीव, सुषेण, मैन्द, द्विविद, कुमुद, अंगद, हनुमान, नील, तारा और नल के साथ मिलकर दोनों भाइयों की रक्षा करने लगे।
 
The king of the monkeys Sugreeva, along with Sushen, Maind, Dwivid, Kumud, Angad, Hanuman, Neel, Tara and Nala, began to protect the two brothers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)