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mahabharat 3.289.28: उस भ्रष्ट बुद्धि वाले राक्षस के पापमय संकल्प को जानकर मंत्री अविन्द्य ने उसे समझाकर उसका क्रोध शांत किया। जिस युक्ति से उन्होंने रावण को शांत किया था, वह मैं तुम्हें बताता हूँ। सुनो।   |   mahabharat अध्याय 3.289: श्रीराम-लक्ष्मणका सचेत होकर कुबेरके भेजे हुए अभिमन्त्रित जलसे प्रमुख वानरोंसहित अपने नेत्र धोना, लक्ष्मणद्वारा इन्द्रजित् का वध एवं सीताको मारनेके लिये उद्यत हुए रावणका अविन्ध्यके द्वारा निवारण करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 289: श्रीराम-लक्ष्मणका सचेत होकर कुबेरके भेजे हुए अभिमन्त्रित जलसे प्रमुख वानरोंसहित अपने नेत्र धोना, लक्ष्मणद्वारा इन्द्रजित् का वध एवं सीताको मारनेके लिये उद्यत हुए रावणका अविन्ध्यके द्वारा निवारण करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.289.28 
तं दृष्ट्वा तस्य दुर्बुद्धेरविन्ध्य: पापनिश्चयम्।
शमयामास संक्रुद्धं श्रूयतां येन हेतुना॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उस भ्रष्ट बुद्धि वाले राक्षस के पापमय संकल्प को जानकर मंत्री अविन्द्य ने उसे समझाकर उसका क्रोध शांत किया। जिस युक्ति से उन्होंने रावण को शांत किया था, वह मैं तुम्हें बताता हूँ। सुनो।
 
Knowing the sinful resolve of that demon with a corrupt mind, minister Avindya pacified his anger by explaining things to him. I will tell you the trick by which he pacified Ravana. Listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)