| श्री महाभारत » पर्व 3: वन पर्व » अध्याय 289: श्रीराम-लक्ष्मणका सचेत होकर कुबेरके भेजे हुए अभिमन्त्रित जलसे प्रमुख वानरोंसहित अपने नेत्र धोना, लक्ष्मणद्वारा इन्द्रजित् का वध एवं सीताको मारनेके लिये उद्यत हुए रावणका अविन्ध्यके द्वारा निवारण करना » श्लोक 13 |
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| | | | श्लोक 3.289.13  | सुग्रीवजाम्बवन्तौ च हनुमानङ्गदस्तथा।
मैन्दद्विविदनीलाश्च प्राय: प्लवगसत्तमा:॥ १३॥ | | | | | | अनुवाद | | सुग्रीव, जाम्बवान, हनुमान्, अंगद, मैन्द, द्विविद और नील आदि प्रायः सभी प्रमुख वानरों ने उस जल से अपने नेत्र धोए ॥13॥ | | | | Sugriva, Jambavan, Hanuman, Angad, Mainda, Dwivid and Neel etc., almost all the major monkeys washed their eyes with that water. 13॥ | | ✨ ai-generated | | |
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