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श्लोक 3.288.16-17h  |
तमभ्याशगतं वीरमङ्गदं रावणात्मज:॥ १६॥
गदयाताडयत् सव्ये पार्श्वे वानरपुङ्गवम्। |
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| अनुवाद |
| तब रावण के पुत्र ने अपने निकट आये वीर वानरराज अंगद पर गदा से बायीं पसली पर प्रहार किया। |
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| Then Ravana's son attacked the brave monkey king Angada with his mace on his left rib, who came near him. |
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