Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.288.10: तब लक्ष्मणजी ने अपने धनुष से बाण खींचकर बड़े वेग से उनकी ओर दौड़ा और जैसे सिंह छोटे-छोटे हिरणों को डरा देता है, उसी प्रकार उन्होंने अपने धनुष की टंकार से समस्त राक्षसों को भयभीत करना आरम्भ कर दिया। | mahabharat अध्याय 3.288: इन्द्रजित् का मायामय युद्ध तथा श्रीराम और लक्ष्मणकी मूर्च्छा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब लक्ष्मणजी ने अपने धनुष से बाण खींचकर बड़े वेग से उनकी ओर दौड़ा और जैसे सिंह छोटे-छोटे हिरणों को डरा देता है, उसी प्रकार उन्होंने अपने धनुष की टंकार से समस्त राक्षसों को भयभीत करना आरम्भ कर दिया।
Then Lakshmana, having drawn an arrow from his bow, ran towards them with great speed and, just as a lion frightens small deer, in the same manner he began to frighten all the demons with the twang of his bow.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥