श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  3.287.7-8h 
तानुच्चै: क्रोशत: सैन्याञ्छ्रुत्वा स हरियूथपान्॥ ७॥
अभिदुद्राव सुग्रीव: कुम्भकर्णमपेतभी:।
 
 
अनुवाद
अपने सैनिकों और वानर सरदारों की तीव्र पुकार सुनकर सुग्रीव निर्भय होकर कुम्भकर्ण की ओर दौड़ा।
 
Hearing the loud cries of his soldiers and the monkey chiefs, Sugreeva fearlessly ran towards Kumbhakarna. 7 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)