Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.287.29: वनवासी वानरों ने सैकड़ों राक्षसों को घायल कर दिया और राक्षसों ने वानरों को घायल कर दिया। उस युद्ध में अधिकतर राक्षस ही मारे जा रहे थे, वानरों का नहीं॥29॥ | mahabharat अध्याय 3.287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वनवासी वानरों ने सैकड़ों राक्षसों को घायल कर दिया और राक्षसों ने वानरों को घायल कर दिया। उस युद्ध में अधिकतर राक्षस ही मारे जा रहे थे, वानरों का नहीं॥29॥
The forest dwelling monkeys injured hundreds of demons and the demons injured the monkeys. In that war mostly demons were getting killed, not the monkeys.॥ 29॥
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि रामोपाख्यानपर्वणि कुम्भकर्णादिवधे सप्ताशीत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २८७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत रामोपाख्यानपर्वमें कुम्भकर्ण आदिका वधविषयक दो सौ सत्तासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २८७॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल २९ १/२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥