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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध
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श्लोक 28
श्लोक
3.287.28
तत: प्रावर्तत पुन: संग्राम: कटुकोदय:।
रामरावणसैन्यानामन्योन्यमभिधावताम्॥ २८॥
अनुवाद
तत्पश्चात् राम और रावण की सेनाओं में परस्पर आक्रमणों सहित भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया, जिसके परिणाम बड़े भयंकर हुए॥ 28॥
Thereafter a fierce battle began between the armies of Rama and Ravana, with mutual attacks, which led to bitter consequences.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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