श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  3.287.27 
नीलश्च महता ग्राव्णा दूषणावरजं हरि:।
प्रमाथिनमभिद्रुत्य प्रममाथ महाबल:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
महाबली वानर नील ने एक विशाल शिला लेकर दूषण के छोटे भाई प्रमाथी पर आक्रमण किया और उसे टुकड़े-टुकड़े कर दिया॥27॥
 
The mighty monkey Neela took a huge rock and attacked Pramathi, the younger brother of Dushan, and crushed him to pieces.॥27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)