श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.287.25 
मुहूर्तमेवमभवद् वज्रवेगप्रमाथिनो:।
सौमित्रेश्च महाबाहो: सम्प्रहार: सुदारुण:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार तेज गति वाले, बलवान एवं पराक्रमी लक्ष्मण का भयंकर युद्ध दो घण्टे तक निर्बाध चलता रहा।
 
In this manner the dreadful battle between the fast-moving, powerful and powerful Lakshmana continued uninterrupted for two hours. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)