श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.287.23 
तत: सुतुमुलं युद्धमभवल्लोमहर्षणम्।
दूषणानुजयो: पार्थ लक्ष्मणस्य च धीमत:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! तत्पश्चात् दूषण के भाइयों और बुद्धिमान लक्ष्मण में भयंकर युद्ध हुआ, जो रोंगटे खड़े कर देने वाला था॥ 23॥
 
Yudhishthira! Then a fierce battle took place between Dushan's brothers and the intelligent Lakshmana, which was enough to send shivers down the spine.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)