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mahabharat 3.287.21: अपने सैनिकों को इस प्रकार भागते देख दूषण के दोनों भाइयों - वज्रवेग और प्रमथी - ने किसी प्रकार उन्हें रोका और अत्यन्त क्रोधित होकर सुमित्रा के पुत्र लक्ष्मण पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 3.287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.287.21 
तथा तान् द्रवतो योधान् दृष्ट्वा तौ दूषणानुजौ।
अवस्थाप्याथ सौमित्रिं संक्रुद्धावभ्यधावताम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
अपने सैनिकों को इस प्रकार भागते देख दूषण के दोनों भाइयों - वज्रवेग और प्रमथी - ने किसी प्रकार उन्हें रोका और अत्यन्त क्रोधित होकर सुमित्रा के पुत्र लक्ष्मण पर आक्रमण कर दिया।
 
Seeing their soldiers fleeing like this, Dushan's two brothers - Vajraveg and Pramathi - somehow stopped them and, extremely enraged, attacked Sumitra's son Lakshmana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)