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mahabharat 3.287.20: वृत्रासुर के समान शक्तिशाली कुम्भकर्ण को भूमि पर मृत अवस्था में पड़ा देखकर सभी राक्षस भयभीत होकर भाग गये।   |   mahabharat अध्याय 3.287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.287.20 
तं दृष्ट्वा वृत्रसंकाशं कुम्भकर्णं तरस्विनम्।
गतासुं पतितं भूमौ राक्षसा: प्राद्रवन् भयात्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
वृत्रासुर के समान शक्तिशाली कुम्भकर्ण को भूमि पर मृत अवस्था में पड़ा देखकर सभी राक्षस भयभीत होकर भाग गये।
 
Seeing Kumbhakarna, who was as powerful as Vritraasura, lying lifeless on the ground, all the demons fled in fear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)