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mahabharat 3.287.18: अब उसने अपना शरीर बहुत बड़ा कर लिया। उसके अनेक पैर, अनेक सिर और अनेक भुजाएँ थीं। यह देखकर लक्ष्मण ने ब्रह्मास्त्र चलाकर उस राक्षस को, जिसका शरीर पर्वत के समान विशाल था, फाड़ डाला॥18॥   |   mahabharat अध्याय 3.287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  3.287.18 
स बभूवातिकायश्च बहुपादशिरोभुज:।
तं ब्रह्मास्त्रेण सौमित्रिर्ददाराद्रिचयोपमम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
अब उसने अपना शरीर बहुत बड़ा कर लिया। उसके अनेक पैर, अनेक सिर और अनेक भुजाएँ थीं। यह देखकर लक्ष्मण ने ब्रह्मास्त्र चलाकर उस राक्षस को, जिसका शरीर पर्वत के समान विशाल था, फाड़ डाला॥18॥
 
Now he made his body very big. He had many legs, many heads and many arms. Seeing this, Lakshman used Brahmastra and tore apart that demon whose body was as huge as a mountain.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)