श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 287: कुम्भकर्ण, वज्रवेग और प्रमाथीका वध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.287.16 
तस्याभिपततस्तूर्णं क्षुराभ्यामुच्छ्रितौ करौ।
चिच्छेद निशिताग्राभ्यां स बभूव चतुर्भुज:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब लक्ष्मण ने भी बड़े वेग से क्षुर नामक दो तीखे बाण चलाकर अपनी ओर आते हुए कुम्भकर्ण की दोनों उठी हुई भुजाएँ काट डालीं। उनके कटते ही उसकी चार भुजाएँ हो गईं॥16॥
 
Then Lakshmana also shot two sharp arrows called Kshur with great speed and cut off both the raised arms of Kumbhakarna who was coming towards him. As soon as they were cut, he got four arms.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)