Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.286.23-24: तुम उस भयंकर और महान भय से अनभिज्ञ हो जो हम पर आ पड़ा है। ये राम पुल से समुद्र पार कर गए हैं और हमारी उपेक्षा करके वानरों के साथ यहाँ पहुँचकर राक्षसों का संहार कर रहे हैं। मैंने ही उनकी पत्नी जनक की पुत्री सीता का अपहरण किया था। | mahabharat अध्याय 3.286: प्रहस्त और धूम्राक्षके वधसे दु:खी हुए रावणका कुम्भकर्णको जगाना और उसे युद्धमें भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम उस भयंकर और महान भय से अनभिज्ञ हो जो हम पर आ पड़ा है। ये राम पुल से समुद्र पार कर गए हैं और हमारी उपेक्षा करके वानरों के साथ यहाँ पहुँचकर राक्षसों का संहार कर रहे हैं। मैंने ही उनकी पत्नी जनक की पुत्री सीता का अपहरण किया था।
You are not aware of the terrible and great fear that has befallen us. This Ram has crossed the sea by bridge and ignoring us has reached here with the monkeys and is killing demons. I had kidnapped his wife Janak's daughter Sita.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥