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श्लोक  3.285.5 
अमृष्यमाण: सबलो रावणो निर्ययावथ।
राक्षसानां बलैर्घोरै: पिशाचानां च संवृत:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
रावण के लिए यह असहनीय हो गया। भूत-प्रेतों और राक्षसों की भयानक सेना से घिरा हुआ, वह अपनी सेना के साथ लंका से निकल पड़ा।
 
This became intolerable for Ravana. Surrounded by a fearsome army of ghosts and demons, he left Lanka with his army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)