Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.285.15: बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्र धारण करने वाले उन बलवान योद्धाओं का वह युद्ध इतना भयंकर था कि तीनों लोकों के समस्त प्राणी उससे व्यथित हो गए ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 3.285: श्रीराम और रावणकी सेनाओंका द्वन्द्वयुद्ध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 285: श्रीराम और रावणकी सेनाओंका द्वन्द्वयुद्ध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.285.15 
तेषां बलवतामासीन्महास्त्राणां समागम:।
विव्यथु: सकला येन त्रयो लोकाश्चराचरा:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्र धारण करने वाले उन बलवान योद्धाओं का वह युद्ध इतना भयंकर था कि तीनों लोकों के समस्त प्राणी उससे व्यथित हो गए ॥15॥
 
That battle between those strong warriors carrying big weapons was so fierce that all the living creatures of the three worlds became distressed due to it. 15॥
 
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि रामोपाख्यानपर्वणि रामरावणद्वन्द्वयुद्धे पञ्चाशीत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २८५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत रामोपाख्यानपर्वमें राम-रावणद्वन्द्वयुद्धविषयक दो सौ पचासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २८५॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)