Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.284.9: अपने मन्त्रियों से घिरे हुए बैठे हुए पुलस्त्यनन्दन रावण के पास पहुँचकर कुशल वक्ता अंगद रावण को सम्बोधित करके श्री रामचन्द्रजी का सन्देश इस प्रकार कहने लगे-॥9॥ | mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स समासाद्य पौलस्त्यममात्यैरभिसंवृतम्।
रामसंदेशमामन्त्र्य वाग्मी वक्तुं प्रचक्रमे॥ ९॥
अनुवाद
अपने मन्त्रियों से घिरे हुए बैठे हुए पुलस्त्यनन्दन रावण के पास पहुँचकर कुशल वक्ता अंगद रावण को सम्बोधित करके श्री रामचन्द्रजी का सन्देश इस प्रकार कहने लगे-॥9॥
Reaching Pulastyanandana Ravana who was sitting surrounded by his ministers, the skilled orator Angad addressed Ravana and began to convey the message of Shri Ramchandraji in this manner -॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥