Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.284.7-8: (श्री रामचन्द्र की आज्ञा से) महाबली अंगद दूत बनकर लंकापुरी के द्वार पर आए। राक्षसराज रावण को उनके आगमन की सूचना दी गई। तब आज्ञा पाकर वे निर्भय होकर नगर में प्रवेश कर गए। लाखों राक्षसों के बीच जाते हुए अंगद बादलों से घिरे हुए सूर्यदेव के समान शोभा पा रहे थे। | mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(श्री रामचन्द्र की आज्ञा से) महाबली अंगद दूत बनकर लंकापुरी के द्वार पर आए। राक्षसराज रावण को उनके आगमन की सूचना दी गई। तब आज्ञा पाकर वे निर्भय होकर नगर में प्रवेश कर गए। लाखों राक्षसों के बीच जाते हुए अंगद बादलों से घिरे हुए सूर्यदेव के समान शोभा पा रहे थे।
(By the order of Shri Ramchandra) Mahabali Angad came to the gate of Lankapuri as a messenger. Demon King Ravana was informed about his arrival. Then after getting permission, he fearlessly entered the city. Going among millions of demons, Angad was looking beautiful like the Sun God surrounded by clouds. 7-8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥