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mahabharat 3.284.41: इस प्रकार लंका में भारी नरसंहार करके वानर सेना अपने उद्देश्य में विजयी होकर श्री रघुनाथ की आज्ञा से युद्ध छोड़कर अपने शिविर में लौट गई।   |   mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  3.284.41 
तत: प्रत्यवहारोऽभूत् सैन्यानां राघवाज्ञया।
कृते विमर्दे लङ्कायां लब्धलक्ष्यो जयोत्तर:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार लंका में भारी नरसंहार करके वानर सेना अपने उद्देश्य में विजयी होकर श्री रघुनाथ की आज्ञा से युद्ध छोड़कर अपने शिविर में लौट गई।
 
In this manner, after causing great carnage in Lanka, the monkey army, having achieved their objective victorious, by the order of Sri Raghunatha gave up the war and returned to their camp.
 
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि रामोपाख्यानपर्वणि लङ्काप्रवेशे चतुरशीत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २८४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत रामोपाख्यानपर्वमें लंकामें प्रवेशविषयक दो सौ चौरासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २८४॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)