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mahabharat 3.284.39: उधर भगवान राम भी बादलों की तरह बाणों की वर्षा करने लगे। वे बाण लंका में घुसकर वहाँ खड़े राक्षसों का संहार करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  3.284.39 
रामस्तु शरजालानि ववर्ष जलदो यथा।
तानि लङ्कां समासाद्य जघ्नुस्तान् रजनीचरान्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
उधर भगवान राम भी बादलों की तरह बाणों की वर्षा करने लगे। वे बाण लंका में घुसकर वहाँ खड़े राक्षसों का संहार करने लगे।
 
On the other hand, Lord Rama also began to shower arrows just like clouds rain down. Those arrows entered Lanka and began to kill the demons standing there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)