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mahabharat 3.284.38: दोनों ओर से गर्जना करते हुए वानर और राक्षस इस प्रकार लड़े कि मरकर भूमि पर गिर जाने पर भी उन्होंने एक-दूसरे को नहीं छोड़ा।   |   mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.284.38 
निष्टनन्तो ह्युभयतस्तत्र वानरराक्षसा:।
हता निपतिता भूमौ न मुञ्चन्ति परस्परम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
दोनों ओर से गर्जना करते हुए वानर और राक्षस इस प्रकार लड़े कि मरकर भूमि पर गिर जाने पर भी उन्होंने एक-दूसरे को नहीं छोड़ा।
 
Roaring from both sides, the monkeys and the demons fought in such a manner that even after dying and falling on the ground, they did not let go of each other.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)