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mahabharat 3.284.25: तत्पश्चात् उन्होंने दस खरब कुशल वानरों की सेना लेकर लंका में प्रवेश किया, जिनका आकार हथेली के समान था और जिनका रंग श्वेत और लाल था॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.284.25 
करभारुणपाण्डूनां हरीणां युद्धशालिनाम्।
कोटीशतसहस्रेण लङ्कामभ्यपपत् तदा॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उन्होंने दस खरब कुशल वानरों की सेना लेकर लंका में प्रवेश किया, जिनका आकार हथेली के समान था और जिनका रंग श्वेत और लाल था॥ 25॥
 
Thereafter he entered Lanka with an army of ten trillion skilled monkeys whose size was as big as a palm and whose colour was white and red.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)