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mahabharat 3.284.22: फिर तेजस्वी वानर अंगद कोसलराज श्री रामचंद्र से मिले और उन्हें रावण के दरबार की सारी बातें बताईं। श्री राम ने अंगद की बहुत प्रशंसा की। फिर वे विश्राम करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.284.22 
कोसलेन्द्रमथागम्य सर्वमावेद्य वानर:।
विशश्राम स तेजस्वी राघवेणाभिनन्दित:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
फिर तेजस्वी वानर अंगद कोसलराज श्री रामचंद्र से मिले और उन्हें रावण के दरबार की सारी बातें बताईं। श्री राम ने अंगद की बहुत प्रशंसा की। फिर वे विश्राम करने लगे।
 
Then the radiant monkey Angad met the King of Kosal, Shri Ramchandra and told him everything about Ravana's court. Shri Ram praised Angad a lot. Then he started resting.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)