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mahabharat 3.284.12: सीताका बलपूर्वक हरण करके तुमने अकेले ही मेरा अपराध किया है, परन्तु इसके कारण अन्य निरपराध लोग भी मारे जाएँगे।॥12॥   |   mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.284.12 
त्वयैकेनापराद्धं मे सीतामाहरता बलात्।
वधायानपराद्धानामन्येषां तद् भविष्यति॥ १२॥
 
 
अनुवाद
सीताका बलपूर्वक हरण करके तुमने अकेले ही मेरा अपराध किया है, परन्तु इसके कारण अन्य निरपराध लोग भी मारे जाएँगे।॥12॥
 
By forcefully abducting Sita, you alone have committed a crime against me, but because of this other innocent people will also be killed.'॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)