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mahabharat 3.284.10: राजन! कोसलदेश के महाराज यशस्वी श्री रामचन्द्रजी ने जो समयानुकूल सन्देश तुम्हें भेजा है, उसे सुनो और उसके अनुसार आचरण करो॥10॥   |   mahabharat अध्याय 3.284: अंगदका रावणके पास जाकर रामका संदेश सुनाकर लौटना तथा राक्षसों और वानरोंका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.284.10 
आह त्वां राघवो राजन् कोसलेन्द्रो महायशा:।
प्राप्तकालमिदं वाक्यं तदादत्स्व कुरुष्व च॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राजन! कोसलदेश के महाराज यशस्वी श्री रामचन्द्रजी ने जो समयानुकूल सन्देश तुम्हें भेजा है, उसे सुनो और उसके अनुसार आचरण करो॥10॥
 
Rajan! Listen to the timely message sent to you by the Maharaja of Kosaldesh, the famous Shri Ramchandraji, and act accordingly. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)