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mahabharat 3.283.54: लंकापुरी के उद्यान में वानर सेना को तैनात करके श्री रघुनाथजी ने बुद्धिमान वानर अंगद को दूत बनाकर रावण के पास भेजा।   |   mahabharat अध्याय 3.283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  3.283.54 
निवेश्योपवने सैन्यं तत् पुर: प्राज्ञवानरम्।
प्रेषयामास दौत्येन रावणस्य ततोऽङ्गदम्॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
लंकापुरी के उद्यान में वानर सेना को तैनात करके श्री रघुनाथजी ने बुद्धिमान वानर अंगद को दूत बनाकर रावण के पास भेजा।
 
Having stationed the monkey army in the garden of Lankapuri, Sri Raghunatha sent the intelligent monkey Angad as a messenger to Ravana.
 
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि रामोपाख्यानपर्वणि सेतुबन्धने त्र्यशीत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २८३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत रामोपाख्यानपर्वमें सेतुबन्धविषयक

दो सौ तिरासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २८३॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)