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mahabharat 3.283.52: रावण के दो मंत्री शुक और सारण, वानर वेश धारण करके गुप्तचर बनकर सेना में घुस आए। विभीषण ने उन्हें पहचान लिया और बंदी बना लिया।   |   mahabharat अध्याय 3.283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  3.283.52 
ततस्तौ रावणामात्यौ मन्त्रिणौ शुकसारणौ।
चरौ वानररूपेण तौ जग्राह विभीषण:॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
रावण के दो मंत्री शुक और सारण, वानर वेश धारण करके गुप्तचर बनकर सेना में घुस आए। विभीषण ने उन्हें पहचान लिया और बंदी बना लिया।
 
Two of Ravana's ministers, Shuka and Saran, disguised as monkeys, entered the army as spies. Vibhishan recognized them and imprisoned them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)