Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.283.47: महाहृदयी श्रीराम ने बड़े उत्साह से उनका स्वागत किया। उस समय सुग्रीव के मन में यह शंका उत्पन्न हुई कि 'यह व्यक्ति शत्रु का गुप्तचर हो सकता है।' 47. | mahabharat अध्याय 3.283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाहृदयी श्रीराम ने बड़े उत्साह से उनका स्वागत किया। उस समय सुग्रीव के मन में यह शंका उत्पन्न हुई कि 'यह व्यक्ति शत्रु का गुप्तचर हो सकता है।' 47.
The great-hearted Shri Ram welcomed him with great enthusiasm. At that time, Sugreeva had a doubt in his mind that 'this man might be a spy of the enemy'. 47.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥